यूपी की मुख्यमंत्री मायावती ने देश के सबसे बड़े राज्य को चार राज्यों में बांटने की पेशकश की है लेकिन राज्य की किसी भी बड़ी पार्टी ने उनका समर्थन नहीं किया है ..समझ में नहीं आता की कितनी घटिया सोच है राजनितिक पार्टियों की जो अच्छे कामों का भी समर्थन करने की बजाय विरोध करने में अपनी बड़प्पन हैं ...अभी तक वे लोग भी आगे आते नहीं दिख रहे हैं जो लोग लंबे अरसे से इन राज्यों को बनाने के लिए आंदोलन कर रहे थे ..यहाँ यह तर्क बिलकुल बेकार है की चुनाव से प्रेरित होकर मायावती ने यह फैसला किया है ..
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