दिल्ली में सात सौ साल की मुस्लिम हुकूमत के दस्तावेज पूरे पढऩे में दो महीने और लगेंगे।अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी द्वारा अरबी-फारसी के समकालीन लेखकों के इन ब्योरों को तजुर्मा हिंदी में कराया गया है, जो नौ मोटी किताबों की शक्ल में छपकर आया है। नींद हराम कर देने वाली दास्तानों का सातवां खंड मैंने आज रात पूरा किया है। इनके पन्ने-पन्ने पर काफिरों के कत्लेआम, जिहाद के जश्न, लूट, महलों-मंदिरों के विकट विध...
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