राहुल गाँधी के बयान से प्रांतीय राजनीति करने वाले कुए के मेंढक जैसे टर टर करने लगे, कभी आकर देखिये मुंबई उत्तरप्रदेश का आदमी या तो चौकीदारी कर रहा हे या फिर सब्जी या मालिश कर रहा हे, कुछ युवा गलत संगत में आ गए या फिर कुछ ने ऑटो चलाना शुरू कर दिया, गाँव के ये लोग अच्छी खासी जमीन भी रखते हे लेकिन यहाँ आकर भैया बन जाते हे, में राहुल का समर्थक नही हू लेकिन बात सोचने की हे की प्रदेश में यदि रोजगार मिले किसान को पानी और बिजली मिले तो फिर क्यों वो चौकीदारी करे? ऐसा नही की सब ऐसे हे लेकिन ज्यद्दातर लोग मुंबई में ऐसे ही हें कुछ करिए नेताजी लोग आदमी को आदमी समझिये सबसे पहले
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