कही कुछ पल सिमट कर लम्हे बन जाते है
उन लम्हों के दायरे में कही दास्ताँ बन जाती है
कुछ दास्ताँ दिल की किताब का पहला पन्ना बन जाता है
और कई पन्ने जिंदगी की मंजिल की राह बन जाती है
उन लम्हों के दायरे में कही दास्ताँ बन जाती है
कुछ दास्ताँ दिल की किताब का पहला पन्ना बन जाता है
और कई पन्ने जिंदगी की मंजिल की राह बन जाती है
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